hastaguru
सोमवार, 8 अगस्त 2016
सरदार जी पूरी ज़िन्दगी सोचते रहे..
सोचते रहे..
सोचते रहे..
और
सोचते सोचते मर गए,
कि अगर मेरी बहिन के 3 भाई हैं,
तो मेरे 2 ही क्यों है? !! 
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