कुछ कशमकश बन गयी है ज़िन्दगी..
कुछ अपनों से ठन गयी है ज़िन्दगी..
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एहसास होता है अक्सर ज़िंदा होने का..
न जाने क्यों बेरंग सी रंग गयी है ज़िन्दगी...
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कुछ ग़म थे,कुछ खुशियां थीं...
कुछ रास्ते थे तो कुछ दूरियां थीं...
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कुछ आँखें भीगी थीं,कुछ में नुकीली छुरियाँ थीं..
पर जीत हार के सिलसिले से दूर हो गयी है
ज़िन्दगी..
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कुछ दोस्त थे,दोस्ती अनमोल थी जिनकी...
कुछ दुश्मन थे,दुश्मनी बेबोल थी जिनकी...
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कुछ दुआएं थीं,कीमत अनमोल थी जिनकी...
न जाने इनसे भी क्यों मजबूर हो गयी है ज़िन्दगी...
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एक चाहत है माँ के गोद में सोने की,
एक राहत है,पिता से कुछ मांग कर रोने की..
एक मर्ज़ी है बहन से देर रात गर्म खाना बनवाने की..
एक आरज़ू है छोटे भाई को पढते में सताने की...
एक याद है,छोटे भाइ को कन्धे पर घुमाने की...
न जाने इन सब से कब लिपट गयी है ज़िन्दगी...
कुछ कशमकश बन गयी है ज़िन्दगी...
कुछ रुक सी ठहर से गयी है ज़िन्दगी...
hastaguru
सोमवार, 8 अगस्त 2016
मैं रूठा, तुम भी रूठ गए
फिर मनाएगा कौन ?
फिर मनाएगा कौन ?
आज दरार है, कल खाई होगी
फिर भरेगा कौन ?
फिर भरेगा कौन ?
मैं चुप, तुम भी चुप
इस चुप्पी को फिर तोडे़गा कौन ?
इस चुप्पी को फिर तोडे़गा कौन ?
बात छोटी को लगा लोगे दिल से,
तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन ?
तो रिश्ता फिर निभाएगा कौन ?
दुखी मैं भी और तुम भी बिछड़कर,
सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन ?
सोचो हाथ फिर बढ़ाएगा कौन ?
न मैं राजी, न तुम राजी,
फिर माफ़ करने का बड़प्पन दिखाएगा कौन ?
फिर माफ़ करने का बड़प्पन दिखाएगा कौन ?
डूब जाएगा यादों में दिल कभी,
तो फिर धैर्य बंधायेगा कौन ?
तो फिर धैर्य बंधायेगा कौन ?
एक अहम् मेरे, एक तेरे भीतर भी,
इस अहम् को फिर हराएगा कौन ?
इस अहम् को फिर हराएगा कौन ?
ज़िंदगी किसको मिली है सदा के लिए ?
फिर इन लम्हों में अकेला रह जाएगा कौन ?
फिर इन लम्हों में अकेला रह जाएगा कौन ?
मूंद ली दोनों में से गर किसी दिन एक ने आँखें....
तो कल इस बात पर फिर पछतायेगा कौन ?
तो कल इस बात पर फिर पछतायेगा कौन ?
पिंटू :
दादी नींद नहीं आ रही है |
TV देख लूँ….???
दादी: मुझसे बातें कर ले..
पिंटू :
दादी क्या हम हमेशा 6 ही रहेगें..?
आप, मम्मी, पापा, दीदी, मैं और मेरी बिल्ली.
दादी : नहीं बेटा, आप के लिये कल डॉगी भी आ रहा है |
तो 7 हो जायेंगे |
पिंटू : पर…दादी डॉगी तो बिल्ली को खा जायेगा,
तो फिर 6 हो जायेंगे !!!!
दादी : नहीं बेटा, आपकी शादी हो जायेगी तो फिर 7 हो जायेंगे |
पिंटू : फिर बहन चली जायेगी शादी करके तो फिर 6 हो जायेंगे !!
दादी : बेटा.. फिर आपका बेटा.. हो जायेगा तो फिर 7 हो जायेंगे..|
पिंटू : तब तक आप मर जाओगी वापस से 6 हो जायेंगे…!!!
दादी : कुत्ते….!!! जा TV देख !!!
दादी नींद नहीं आ रही है |
TV देख लूँ….???
दादी: मुझसे बातें कर ले..
पिंटू :
दादी क्या हम हमेशा 6 ही रहेगें..?
आप, मम्मी, पापा, दीदी, मैं और मेरी बिल्ली.
दादी : नहीं बेटा, आप के लिये कल डॉगी भी आ रहा है |
तो 7 हो जायेंगे |
पिंटू : पर…दादी डॉगी तो बिल्ली को खा जायेगा,
तो फिर 6 हो जायेंगे !!!!
दादी : नहीं बेटा, आपकी शादी हो जायेगी तो फिर 7 हो जायेंगे |
पिंटू : फिर बहन चली जायेगी शादी करके तो फिर 6 हो जायेंगे !!
दादी : बेटा.. फिर आपका बेटा.. हो जायेगा तो फिर 7 हो जायेंगे..|
पिंटू : तब तक आप मर जाओगी वापस से 6 हो जायेंगे…!!!
दादी : कुत्ते….!!! जा TV देख !!!
एक बार एक बेसिक शिक्षा अधिकारी एक प्राइमरी स्कूल में जांच के लिए पहुंचे।😠
अधिकारी अध्यापक से - कौन सी क्लास चल रही है और क्या पढ़ा रहे है?
अध्यापक - सर इतिहास और रामायण पढ़ा रहे है।
अधिकारी -ओके बच्चों से पूछता हूँ !
एक लड़के से - खड़े हो नाम क्या है तुम्हारा लड़का- राजू
अधि- बताओ शिव जी का धनुष किसने तोड़ा था?
राजू- साहब भगवान कसम खा रहे पुरे गावँ में पूछ आओ हम बहुत सीधे है।हमने नहीं तोड़ा।
अधि- चुप बैठ जा।
दूसरे से ....
तुम बताओ
बच्चा - सर 😰😰😰हम नहीं तोड़े नहीं तोड़े। ये रामू तोड़े होगा साहब।
रामू खड़ा हुआ तुरंत- ये साला कुछ भी टूटे नाम मेरा ही आ जाता है।
अधिकारी, अध्यापक से- क्या पढ़ाते है आप किसी को नहीं पता धनुष किसने तोड़ा ?😡😡
अध्यापक - सर आप प्रिंसिपल से मिले। मै छुट्टी पे था तभी किसी ने तोड़ा होगा। वही बता सकते है।😜😜
अधिकारी सीधे प्रिंसिपल के पास गए। 😡😡😡😡 ये क्या नाटक है कैसा स्कूल है? यहाँ किसी को ये नही पता की शिव जी का धनुष किसने तोड़ा था ???👿👿
प्रिंसिपल - अरे सर आए बैठे आप भी एक धनुष के लिए परेशान है। बच्चे है किसी ने तोड़ दिया होगा। पीछे नई क्लास बननी है। उसी बजट में ठेकेदार से कह के धनुष भी बनवा दूंगा। बस आप बिल पास कर देना बस।
अधिकारी बेहोश......
😝😝😝😛😜😜😝
अधिकारी अध्यापक से - कौन सी क्लास चल रही है और क्या पढ़ा रहे है?
अध्यापक - सर इतिहास और रामायण पढ़ा रहे है।
अधिकारी -ओके बच्चों से पूछता हूँ !
एक लड़के से - खड़े हो नाम क्या है तुम्हारा लड़का- राजू
अधि- बताओ शिव जी का धनुष किसने तोड़ा था?
राजू- साहब भगवान कसम खा रहे पुरे गावँ में पूछ आओ हम बहुत सीधे है।हमने नहीं तोड़ा।
अधि- चुप बैठ जा।
दूसरे से ....
तुम बताओ
बच्चा - सर 😰😰😰हम नहीं तोड़े नहीं तोड़े। ये रामू तोड़े होगा साहब।
रामू खड़ा हुआ तुरंत- ये साला कुछ भी टूटे नाम मेरा ही आ जाता है।
अधिकारी, अध्यापक से- क्या पढ़ाते है आप किसी को नहीं पता धनुष किसने तोड़ा ?😡😡
अध्यापक - सर आप प्रिंसिपल से मिले। मै छुट्टी पे था तभी किसी ने तोड़ा होगा। वही बता सकते है।😜😜
अधिकारी सीधे प्रिंसिपल के पास गए। 😡😡😡😡 ये क्या नाटक है कैसा स्कूल है? यहाँ किसी को ये नही पता की शिव जी का धनुष किसने तोड़ा था ???👿👿
प्रिंसिपल - अरे सर आए बैठे आप भी एक धनुष के लिए परेशान है। बच्चे है किसी ने तोड़ दिया होगा। पीछे नई क्लास बननी है। उसी बजट में ठेकेदार से कह के धनुष भी बनवा दूंगा। बस आप बिल पास कर देना बस।
अधिकारी बेहोश......
😝😝😝😛😜😜😝
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